हिमाचल प्रदेश में इन दिनों आरोपों की राजनीति चरम पर पहुंच गई है। पूर्व कांग्रेस मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अजय वर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि नीरज भारती को मुख्यमंत्री पर उंगली उठाने से पहले अपने खुद के राजनीतिक और पारिवारिक इतिहास को खंगालना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि नीरज भारती के पिता चौधरी चंद्र कुमार वर्षों तक कांग्रेस सरकारों में रसूखदार मंत्री और सांसद रहे हैं; ऐसे में भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वाले भारती को पहले यह साफ करना चाहिए कि उनके परिवार ने इतने वर्षों की राजनीति में जो कुछ भी अर्जित किया, उसका असली आधार क्या था।
अजय वर्मा ने नीरज भारती की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करते हुए उनके ‘डोप टेस्ट’ कराने की बड़ी मांग कर दी और कहा कि वह खुद भी इस टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि सीएम ने अपनी पहचान सोशल मीडिया की बयानबाजी से नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष, अटूट मेहनत और बेदाग ईमानदारी के बल पर बनाई है, जिससे प्रदेश की जनता भली-भांति वाकिफ है।
मौजूदा सरकार में कार्यकर्ताओं के काम न होने के भारती के दावों को सिरे से खारिज करते हुए एचआरटीसी उपाध्यक्ष ने खुलासा किया कि उन्होंने खुद कई जनहित के कार्य नीरज भारती के पिता चौधरी चंद्र कुमार के माध्यम से ही करवाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर भी निशाना साधा और कहा कि आज भले ही सुधीर शर्मा को नीरज भारती की बातें अच्छी लग रही हों, लेकिन कुछ समय पहले तक दोनों के बीच चली आ रही तीखी जुबानी जंग को जनता भूली नहीं है। वर्मा ने दावा किया कि नीरज भारती की इस अनर्गल बयानबाजी से भाजपा को कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला है।
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