हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने रक्षा संबंधों को काफी मजबूत किया है। दोनों देशों ने सैन्य तालमेल बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने और रक्षा जुड़ाव को गहरा करने पर सहमति जताई है। प्रमुख पहलों में संयुक्त सैन्य अभ्यास, पारस्परिक विमान तैनाती और सूचना साझाकरण को बढ़ावा देना शामिल है। वार्ता में रक्षा औद्योगिक सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें संयुक्त अनुसंधान और उद्योग गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने की योजना है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) को और मजबूत करेगा। यह सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्वाड (Quad) देशों के बीच समन्वय भी बढ़ेगा। चीन हिंद-प्रशांत में अपने सैन्य विस्तार और द्वीपों पर निर्माण को लेकर पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। भारत-ऑस्ट्रेलिया की यह साझेदारी क्षेत्र में शक्ति संतुलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच कई सैन्य अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। यह घटनाक्रम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक हलचल को और तेज करेगा।
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