अभियान के जरिए अभिभावकों को बच्चों के विकास पर नियमित नजर रखने की सलाह दी जा रही है। उन्हें बच्चे की उम्र के अनुसार उसके सीखने की क्षमता पर ध्यान देने को कहा जा रहा है। बच्चे के खेलने के तरीके और गतिविधियों को भी समझना जरूरी बताया गया है। उसकी प्रतिक्रिया और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर भी नजर रखने की अपील की गई है। विकास से जुड़ी किसी भी देरी या चिंता को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से कहा गया है कि समस्या दिखने पर इंतजार करने के बजाय तुरंत कदम उठाएं। ऐसी स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्यकर्मी से भी आवश्यक सलाह लेने की बात कही गई है। अभियान का उद्देश्य बच्चों के विकास संबंधी संकेतों को समय रहते पहचानना है। समय पर पहचान होने से बच्चे को आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता मिल सकती है। अभिभावकों को उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सही समय पर सलाह और सेवाएं मिलने से बच्चे के विकास में बेहतर सहयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।
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