हरियाणा सरकार सुशासन के लिए ड्रोन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ा रही है। अवैध निर्माण, अतिक्रमण, अवैध खनन और प्रदूषण की निगरानी अब आधुनिक तकनीक से की जाएगी। हाई रेजोल्यूशन ड्रोन इमेजरी के जरिए सरकारी विभागों को सटीक डिजिटल डेटा मिलेगा। इससे कार्रवाई को अधिक प्रभावी और तेज बनाने में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा की परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। एआई आधारित चेंज डिटेक्शन एप्लीकेशन से अवैध गतिविधियों की पहचान स्वचालित रूप से की जाएगी। फरीदाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में करीब 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की डिजिटल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस तकनीक से शहरी नियोजन और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रदेश में जियोस्पेशियल डेटा आधारित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है।
Source: Source