हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जनवरी से अप्रैल के बीच आए आंकड़ों में जिले के 6 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) क्षेत्रों में लिंगानुपात 900 से नीचे पाया गया। इस गिरावट को गंभीर मानते हुए विभाग ने संबंधित एसएमओ और एमओ को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में लिंगानुपात कम हुआ है, वहां एएनएम और आशा वर्कर्स की जिम्मेदारी भी तय की जाए। विभाग ने एमटीपी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। अब तक कई केंद्रों की जांच की जा चुकी है और अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां स्थिति खराब है वहां जवाबदेही तय की जा रही है। साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत विभाग ने निर्देश दिए हैं कि विवाह समारोहों में नवदंपतियों को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शपथ दिलाई जाए।
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