हरियाणा सरकार ने संपत्ति पंजीकरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में 1 नवंबर 2026 से संपत्ति पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। इसके तहत डीड रजिस्ट्रेशन से लेकर दस्तावेजों के सत्यापन तक सभी काम डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को रजिस्ट्रेशन के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड और सत्यापित किए जाएंगे। इससे समय और संसाधनों की बचत होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल सिस्टम से रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहेंगे। यह कदम राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने संबंधित विभागों को तकनीकी तैयारी और सिस्टम अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं। इस बदलाव से संपत्ति लेन-देन की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनने की संभावना है।
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