हरियाणा सरकार ने राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य भर में 8 नई अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब्स स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। वर्तमान में लैब की कमी के कारण जांच में होने वाली देरी से निपटने के लिए यह निर्णय लिया गया है। ये नई प्रयोगशालाएं विभिन्न जिलों में रणनीतिक रूप से स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स के शुरू होने से खाद्य नमूनों की जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना आसान होगा। सरकार का लक्ष्य खाद्य सुरक्षा मानकों को अधिक मजबूत बनाना और जन स्वास्थ्य की रक्षा करना है। खाद्य सुरक्षा विभाग को इन प्रयोगशालाओं के लिए आवश्यक तकनीकी उपकरण और मैनपावर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान त्योहारी सीजन और बाजार में मिलावटी सामान की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन लैब्स के संचालन से मिलावटखोरों में डर पैदा होगा और गुणवत्तापूर्ण खान-पान को बढ़ावा मिलेगा। आम जनता इस निर्णय का स्वागत कर रही है क्योंकि इससे मिलावटी दूध, मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
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