स्कॉटलैंड के व्हीथॉर्न प्रायरी में 1957 में हुई खोज ने इतिहासकारों को नई दिशा दी थी। यहां मिले तीन पत्थर के ताबूतों ने स्कॉटलैंड के शुरुआती ईसाई इतिहास के कई रहस्यों से पर्दा उठाया। वैज्ञानिकों ने इन अवशेषों का रेडियोकार्बन डेटिंग और रासायनिक विश्लेषण के जरिए अध्ययन किया। जांच में पता चला कि यह क्षेत्र 7वीं शताब्दी में एक महत्वपूर्ण मठ केंद्र के रूप में सक्रिय था। शोधकर्ताओं को 5वीं और 6वीं शताब्दी के प्रतिष्ठित धार्मिक और सामुदायिक समारोहों के भी प्रमाण मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि व्हीथॉर्न स्कॉटलैंड के शुरुआती ईसाई केंद्रों में से एक था। यहां मिले अवशेष उस समय की धार्मिक और सामाजिक संरचना को समझने में मदद कर रहे हैं। पुरातत्वविदों ने कहा कि यह खोज स्कॉटलैंड के प्राचीन इतिहास के अध्ययन में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए पुराने अवशेषों की नई जानकारी सामने आई है। इतिहासकारों के अनुसार इससे ब्रिटेन में प्रारंभिक ईसाई संस्कृति के विकास को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। व्हीथॉर्न प्रायरी आज भी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का प्रमुख स्थल माना जाता है।
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