एक सोशल मीडिया पोस्ट की मदद से ‘लापता’ प्रवासी मजदूर को 20 दिन बाद उसके परिवार से मिलाया गया। मजदूर के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद परिवार उसकी तलाश कर रहा था। परिवार ने उसकी जानकारी हासिल करने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रयास किए। इसी दौरान एक पोस्ट ने उसकी पहचान और ठिकाने तक पहुंचने में मदद की। जानकारी मिलने के बाद परिवार ने संबंधित लोगों से संपर्क किया। इसके बाद मजदूर को उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। करीब 20 दिनों के बाद परिवार से मिलकर मजदूर भावुक हो गया। परिजनों ने उसे सुरक्षित पाकर राहत की सांस ली। इस घटना में सोशल मीडिया के जरिए मिली जानकारी अहम साबित हुई। मजदूर के लापता होने के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार के लिए उसकी सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी राहत रही। इस मामले ने दिखाया कि सही समय पर साझा की गई जानकारी लापता लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
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