मोहला जिले के दक्कोटोला गांव के ग्रामीणों ने सरकारी तंत्र के प्रति अपना मोहभंग होने के बाद एक मिसाल पेश की है। पिछले 25 वर्षों से सड़क निर्माण के लिए लगातार आवेदन और शिकायतों के बाद भी जब प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने हार मानने के बजाय खुद ही चंदा जुटाकर जर्जर सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब और इंतजार नहीं कर सकते थे, क्योंकि हर मानसून में गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता था। जनभागीदारी की यह अनूठी पहल ‘आत्मनिर्भरता’ की मिसाल बनी है, जो सरकारी उदासीनता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न भी खड़ा करती है।
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