हरियाणा के सिरसा जिले के कागदाना गांव में नशा तस्करों के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। गांव के जागरूक लोगों ने एक नशा सप्लायर को रंगेहाथ पकड़ा है, जिसने प्रतिबंधित नशीली गोलियां अपने घर की छत पर गाटरों में छिपा रखी थीं।
**घटना के मुख्य बिंदु:**
* **ग्रामीणों का स्टिंग ऑपरेशन:** ग्रामीणों ने पहले एक बोगस ग्राहक भेजकर नशा तस्कर की पोल खोली। पुष्टि होने के बाद संघर्ष समिति की टीम ने छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में नशीली गोलियों के पत्ते बरामद हुए।
* **पुलिस का गैर-जिम्मेदाराना रवैया:** ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस न तो समय पर पहुंचती है और न ही सहयोग करती है। पुलिस द्वारा उन्हें ‘डायल 112’ पर कॉल करने की सलाह देना उनकी निराशा का कारण बना है।
* **समिति का संघर्ष:** गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर एक संघर्ष समिति बनाई है, जो नशे के खिलाफ निरंतर अभियान चला रही है। इससे पहले भी समिति ने कई तस्करों को पकड़ा है, जिन्हें पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
* **अगला कदम:** अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित और पुलिस के असहयोग से परेशान ग्रामीण अब सिरसा एसपी से मिलकर उन्हें गांव की गंभीर स्थिति और नशा तस्करों पर कार्रवाई न होने की समस्या से अवगत कराएंगे।
यह मामला दर्शाता है कि कैसे ग्रामीण स्तर पर नशा विरोधी समितियां तो सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस की कथित ढिलाई के कारण उनकी मेहनत और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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