शहर में 24 मई को शहर की सिख संस्थाओं ने गुरुद्वारा दीवान अस्थान, सेंट्रल टाउन में ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) 2026’ बिल के विरोध में एकत्रता की। संस्थाओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इस बिल में कस्टोडियन के नाम पर गुरुघर से जुड़े सत्कार योग्य ग्रंथी सिंह, रागी सिंह, पाठी सिंह, कथा वाचक-प्रचारक, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, सिख संस्थाओं और गुरु नानक नाम लेवा संगतों के खिलाफ प्रावधान ला रही है, जो गुरमत सिद्धांतों के विपरीत हैं। बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज विशेष रूप से पहुंचे। उनके आगमन पर सिख संस्थाओं ने सिरोपाओ, दुशाला और श्री साहिब भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सचिव जत्थेदार कुलवंत सिंह मन्नण, इकबाल सिंह ढींढसा, भाई दिलबाग सिंह, एडवोकेट मनदीप सिंह सचदेवा और भाई जसपाल सिंह शामिल रहे। सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा बनाए नए कानून को न हम मानते हैं और न मानेंगे; सरकार इसे धक्के से लागू कर रही है।” उन्होंने कहा कि मर्यादा की पालना कराना अकाल तख्त साहिब का कार्य है और गुरु ग्रंथ व गुरु पंथ पर कोई सरकार कानून नहीं बना सकती। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज अपनी बात रखते हुए।
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