सिंगापुर में आयोजित एनबीए राइजिंग स्टार्स इनविटेशनल में चेन्नई के वेलम्मल इंटरनेशनल स्कूल ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता ने भारतीय बास्केटबॉल और एशिया की शीर्ष टीमों के बीच मौजूद अंतर को उजागर किया। मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ टीम को कई कठिन मुकाबलों का सामना करना पड़ा। हार के बावजूद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और जुनून बरकरार रहा। इस अनुभव ने उन्हें अपनी कमियों को समझने का अवसर दिया। टीम के एक खिलाड़ी ने भविष्य में एनबीए तक पहुंचने का सपना जताया। वहीं दूसरे खिलाड़ी ने भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने की इच्छा व्यक्त की। कोच शमशेर बाशा का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर खिलाड़ियों के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सही अवसर और बेहतर सुविधाएं मिलने पर भारतीय खिलाड़ी भी आगे बढ़ सकते हैं। टूर्नामेंट ने खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का प्रत्यक्ष अनुभव दिया। इससे उन्हें अपनी तैयारी और कौशल में सुधार की दिशा स्पष्ट हुई। टीम ने सीखा कि सफलता के लिए निरंतर मेहनत और धैर्य जरूरी है। खिलाड़ियों ने हार को सीख में बदलने का संकल्प लिया। इस पूरे सफर ने भारतीय बास्केटबॉल के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद को मजबूत किया।
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