एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में रवींद्रनाथ टैगोर के गीतों पर उपनिषदों के प्रभाव को लेकर विशेष प्रस्तुति और चर्चा आयोजित की गई। इस संगीतमय संध्या में बताया गया कि टैगोर के कई गीतों में भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक विचारों की गहरी झलक मिलती है। वक्ताओं ने उपनिषदों के मूल सिद्धांतों और टैगोर की रचनात्मकता के बीच संबंध को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में संगीत और साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने टैगोर के चुनिंदा गीतों की प्रस्तुति भी दी, जिससे दर्शक भावविभोर हो गए। विशेषज्ञों के अनुसार, टैगोर की रचनाओं में आत्मा, प्रकृति और ब्रह्म के विचार प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं। इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय दर्शन और साहित्य से जोड़ना था। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों और संगीतकारों की बड़ी भागीदारी रही। चर्चा के दौरान उपनिषदों के दार्शनिक विचारों को सरल भाषा में समझाया गया। यह संध्या कला और आध्यात्मिकता के संगम का सुंदर उदाहरण बनी।
Source: Source