पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सरधना सीट पर राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी ने यहां जाट प्रत्याशी उतारकर नया सियासी दांव चला है। इस फैसले से आगामी चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम पहले से ही प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। मौजूदा विधायक अतुल प्रधान भी चुनावी मैदान में मजबूत स्थिति में हैं। अब बसपा के जाट प्रत्याशी की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है। जाट मतदाताओं की भूमिका इस सीट पर महत्वपूर्ण मानी जाती है। बसपा के नए प्रत्याशी से प्रमुख दलों के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। संगीत सोम और अतुल प्रधान के बीच पहले से जारी राजनीतिक मुकाबले में नया मोड़ आया है। बसपा के फैसले को मायावती की रणनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले चुनाव में तीनों पक्षों के बीच मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश तेज होगी। सरधना सीट पर बदले समीकरण का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ सकता है।
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