संसद के मॉनसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर स्पीकर ने सख्त रुख अपनाया है। सत्र के शुरुआती तीन दिनों की कार्यवाही हंगामे के कारण प्रभावित रही। चौथे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने नजर आए। सदन में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष ने विरोध जताया। हंगामे के बीच स्पीकर ने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्नकाल की प्रक्रिया ही चलेगी। उन्होंने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। लगातार व्यवधान के कारण संसद के कामकाज पर असर पड़ रहा है। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद जारी हैं। मॉनसून सत्र में राजनीतिक टकराव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। स्पीकर ने सदन की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया है। आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक हलचल जारी रहने की संभावना है।
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