सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र में एक युवक का शव खदान में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दीपक तिवारी पिता रेवती रमन तिवारी (25) निवासी गौरमाटी (हाल मुकाम शांति नगर, लोहारा) के रूप में हुई है। दीपक 21 मई से लापता था और शनिवार सुबह उसका शव बाइक सहित चंद्रवंशी क्रेशर की करीब 120 फीट गहरी खदान में मिला। पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है, लेकिन हालात कई सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दीपक 21 मई की रात से लापता था, जिसकी गुमशुदगी 22 मई को थाना लोहारा थाने में दर्ज की गई थी। शनिवार 23 मई को शांति नगर स्थित क्रशर प्लांट के गहरी खदान में उसका शव मिला। दीपक जिस ताज क्रशर प्लांट में पिछले 6 महीने से मुंशी के रूप में कार्यरत था, वहां के संचालक मो. बशीर मेमन ने एक दिन पहले 22 मई को ही थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि दीपक ने 21 मई को एक पार्टी से मिलने वाले 21,400 रुपए अपने फोन-पे खाते में ट्रांसफर कर लिए और प्लांट का मोबाइल फोन लेकर गायब हो गया है। पुलिस जांच कर रही है। चोट केवल सिर पर इसलिए बढ़ा संदेह दीपक बाइक समेत खदान में गिरा मिला। शुरुआती तौर पर मामला दुर्घटनावश गिरने का प्रतीत हो रहा है। लेकिन इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद शरीर पर खरोच तक नहीं है, सिर्फ सिर पर चोट के निशान मिले हैं। सहसपुर लोहारा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा का कहना है कि मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। विवेचना जारी है। खदान में सुरक्षा में बड़ी लापरवाही दीपक के परिजनों ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। यदि पुलिस की थ्योरी को सच मान भी लिया जाए कि दीपक खुद ही बाइक सहित खदान में गिर गया, तो भी यह माइनिंग नियमों का उल्लंघन है। नियमानुसार किसी भी चालू या बंद खदान के चारों तरफ मजबूत फेंसिंग या बाउंड्री वॉल और चेतावनी बोर्ड होना अनिवार्य है। ताकि कोई दुर्घटना न हो। लेकिन चंद्रवंशी क्रेशर खदान में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे।
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