भारत के मणिपुर से आने वाले MMA फाइटर चुनग्रेंग कोरेन की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल बन गई है। उन्होंने अपने जीवन में गरीबी, व्यक्तिगत दुख और कई कठिन चुनौतियों का सामना किया है। मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने MMA के जरिए बेहतर भविष्य बनाने का सपना नहीं छोड़ा। कई बार ऐसा लगा कि उनका UFC तक पहुंचने का सपना टूट जाएगा। परिस्थितियां और करियर में आए उतार-चढ़ाव उनके रास्ते में बड़ी बाधा बने। फिर भी कोरेन लगातार मेहनत करते रहे और खुद को साबित करने में जुटे रहे। अब उन्हें ‘Road to UFC’ के जरिए एक और बड़ा मौका मिला है। यह अवसर उनके लिए इतिहास रचने जैसा माना जा रहा है। लेकिन अब यह सफर सिर्फ उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा तक सीमित नहीं रह गया है। कोरेन का कहना है कि वह अपने परिवार, अपने लोगों और भारतीय MMA की उम्मीदों को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कहानी देश के युवाओं को प्रेरित कर रही है। मणिपुर जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं माना जाता। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरेन की सफलता भारतीय MMA को नई पहचान दिला सकती है। भारतीय खेल जगत में अब उनकी यात्रा को उम्मीद और प्रेरणा की कहानी के रूप में देखा जा रहा है।
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