CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन हटाया। दहिया का दावा है कि कार्रवाई के दौरान वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। उनके अनुसार पुलिस ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। दहिया ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर थे। दहिया ने आशंका जताई कि उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का डर उन्हें आंदोलन से पीछे नहीं हटाएगा। आंदोलनकारी NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। दहिया ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर भी सवाल उठाए। दूसरी ओर, वांगचुक की पत्नी ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को अवैध हिरासत बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे और स्वास्थ्य बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावे हैं तथा घटनाक्रम पर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है।
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