नंदीग्राम में आयोजित एक जनकल्याण शिविर को संबोधित करते हुए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ बोलने में संकोच या आपत्ति रखते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का कोई औचित्य नहीं है। अपने संबोधन में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर सरकारी फंड के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही, उन्होंने राज्य में होने वाली आगामी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का वादा किया। अधिकारी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ विपक्ष इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बता रहा है, वहीं उनके समर्थक इसे राष्ट्रवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
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