देश के सबसे बड़े अभियानों में से एक ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण की शुरुआत लुधियाना में चुनौतियों के साथ हुई है। 15 मई से शुरू हुए हाउस लिस्टिंग और आवास गणना के काम में 10000 कर्मचारी और 1600 पर्यवेक्षक जुटे हैं। इन्हें फील्ड पर व्यावहारिक और सामाजिक दोनों तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। फील्ड में प्रगणकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों के मन में बैठा डेटा चोरी या इसके गलत इस्तेमाल का डर है। लोग सुरक्षा के डर से जानकारी देने से कतरा रहे हैं और डेटा लीक न होने की गारंटी मांगते हैं। दूसरे राज्यों के लोगों के साथ भाषा की दिक्कत आ रही है। लोग मोबाइल नंबर देने से भी बचते हैं। भीषण गर्मी के चलते दोपहर के समय लोग दरवाजा तक नहीं खोलते। इस कारण अब अधिकतर कर्मी सुबह और शाम को जा रहे हैं। महिलाएं यह कहकर जानकारी देने से मना करती हैं कि पुरुष के घर होने पर आएं। विरोध में उतरे शिक्षक जनगणना के दौरान कई टीचर्स को 500 से 600 घर दे दिए। जिसका विरोध डेमोक्रेटिक फ्रंट ने किया। डीटीएफ के जिला लुधियाना की मीटिंग लुधियाना में जिला अध्यक्ष रमनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई। जिला जनरल सेक्रेटरी रूपिंदर पाल सिंह गिल ने बताया कि कई टीचरों को पहले अलग-अलग वजहों से जनगणना ड्यूटी से छूट दी गई थी। लेकिन प्रशासन ने छूट गए टीचरों की ड्यूटी फिर से लगा दी है। टीचरों को सैलरी रोकने, एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर परेशान किया जा रहा है। कई कर्मचारियों को जनगणना के लिए घनी आबादी वाले इलाकों में 500 से ज़्यादा बिल्डिंग दी गई हैं। इनमें रहने वाले परिवारों की संख्या बहुत ज्यादा है। चुनौतियों की समीक्षा की एडीसी जनरल-सह-जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत लुधियाना पश्चिम तहसील में तैनात गणनाकारों और पर्यवेक्षकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। जनगणना के दौरान गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को आ रही विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक और परिचालन चुनौतियों पर चर्चा की। एडीसी ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर गिनती करने के काम के दौरान जनगणना के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।
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