ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन ने कभी एप्पल को खरीदने की योजना बनाई थी। उन्होंने करीब 5 अरब डॉलर में कंपनी का अधिग्रहण करने की तैयारी की थी। एलिसन ने इस सौदे के लिए पूरी रकम उधार लेने की व्यवस्था भी कर ली थी। उनकी योजना स्टीव जॉब्स को दोबारा एप्पल का CEO बनाने की थी। हालांकि जॉब्स ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें और पैसे की जरूरत नहीं है और उन्होंने कंपनी को बचाने का अलग रास्ता चुना। बाद में एप्पल ने नेक्स्ट कंपनी का अधिग्रहण किया, जिससे जॉब्स की वापसी का रास्ता बना। वर्ष 1997 में जॉब्स एप्पल के अंतरिम CEO बने। इसके बाद उन्होंने कंपनी को नई दिशा दी और एप्पल को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल कर दिया। जॉब्स के नेतृत्व में एप्पल ने कई सफल उत्पाद लॉन्च किए। यह घटना तकनीकी जगत के इतिहास के महत्वपूर्ण किस्सों में से एक मानी जाती है।
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