लुधियाना के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मामले में स्थानीय अदालत ने आरोपी कशिश जैन को सबूतों की कमी के कारण न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। कशिश को 15 मई को इस गिरोह से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से विदेशों और भारत में लोगों को ठगता था। हालांकि, अदालत ने पाया कि पुलिस आरोपी को सीधे तौर पर इन गतिविधियों से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत पेश करने में विफल रही। फोरेंसिक जांच में आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल से भी ठगी से जुड़ा कोई आपत्तिजनक डेटा नहीं मिला। जांच में सामने आया कि वह कॉफी मशीन बिक्री और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़ी विदेशी कंपनियों के लिए वैध ऑनलाइन काम करता था, और उसके बैंक खातों में केवल वेतन संबंधी लेनदेन ही मिले। साइबर क्राइम थाना के एसएचओ ने भी स्वीकार किया कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। बचाव पक्ष के वकीलों ने इसे बड़ी कानूनी जीत बताया है, हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि रिहाई के बावजूद मामले में एफआईआर और जांच की प्रक्रिया कानूनन जारी रहेगी।
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