जगराओं-मोगा राष्ट्रीय राजमार्ग पर परदेसी ढाबे के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल पूर्व सूबेदार हरजिंदर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने लुधियाना के अस्पताल में 10 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। हादसे के दिन ही उनकी पत्नी सुखविंदर कौर की मौके पर मौत हो गई थी। दंपती की मौत से पंजाब के गालिब खुर्द गांव में शोक की लहर है। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले हरजिंदर सिंह अपनी पत्नी के साथ एक्टिवा पर जगराओं से घरेलू सामान खरीदकर गांव लौट रहे थे। मोगा रोड पर परदेसी ढाबे के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी एक्टिवा को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिर गए और आरोप है कि वाहन उन्हें कुचलता हुआ मौके से फरार हो गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण सुखविंदर कौर ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों ने घायल हरजिंदर सिंह को सिविल अस्पताल जगराओं पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लुधियाना रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि परदेसी ढाबे के बाहर हाईवे किनारे भारी वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। लोगों ने प्रशासन से अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके।
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