लातविया में पुरातत्वविदों को वाइकिंग युग की 9वीं सदी की एक दुर्लभ सामूहिक कब्र मिली है। कब्र में छह लोगों के अवशेष पाए गए। प्राचीन DNA विश्लेषण से इनमें पिता-पुत्र जैसे पारिवारिक संबंधों के संकेत मिले हैं। अवशेषों की आनुवंशिक जांच में समूह का संबंध स्थानीय बाल्टिक आबादी से अधिक निकट पाया गया। तीन पुरुषों की हड्डियों पर धारदार हथियार से लगी चोटों के निशान मिले हैं। इन चोटों से संकेत मिलता है कि उनकी मौत से पहले हिंसक घटना हुई हो सकती है। शोधकर्ताओं के लिए एक ही कब्र में पारिवारिक संबंधों और हिंसा के संकेत मिलना असामान्य खोज है। यह दफन स्थल वाइकिंग युग के सेमिगैलियन समुदाय के जीवन पर नई जानकारी देता है। DNA से मिली जानकारी उस समय के लोगों की स्थानीय जड़ों और सामाजिक संबंधों को समझने में मदद करती है। पारिवारिक रिश्तों की पहचान से उस दौर की सामाजिक संरचना पर भी प्रकाश पड़ता है। हिंसा के निशान उस समय के संभावित संघर्षों की ओर इशारा करते हैं। वैज्ञानिकों ने आनुवंशिक और पुरातात्विक साक्ष्यों को मिलाकर इस दफन स्थल का अध्ययन किया है। यह खोज वाइकिंग युग में बाल्टिक क्षेत्र के लोगों के जीवन और रिश्तेदारी को समझने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शोध से सेमिगैलियन समाज की पारिवारिक और सामुदायिक संरचना के बारे में नई जानकारी सामने आई है।
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