रोहतक PGI में इलाज करवाने आई एक महिला की मौत हो गई। मृतक महिला के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए PGI थाने में शिकायत दी। साथ ही मांग की कि समय पर इलाज न देने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मृतका की पहचान जयहिंद कॉलोनी झज्जर हाल ओमेक्स सिटी बहादुरगढ़ निवासी सुशीला के रूप में हुई। सुशीला के पति श्याम सिंह अहलावत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी सुशीला की हालत सुबह खराब हो गई, जिसके बाद वह सुबह 7 बजे बहादुरगढ़ के प्राइवेट अस्पताल में लेकर गया, जहां से सुशीला को PGI रेफर कर दिया। श्याम सिंह ने बताया कि सुबह 8:19 बजे वह सुशीला को लेकर PGI के ट्रॉमा सेंटर गया, जहां से उसे इमरजेंसी में भेज दिया। इमरजेंसी में जाने के बाद डॉक्टर ने इलाज में कोताही बरती। सांस लेने में दिक्कत होने के बावजूद मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई और ड्यूटी पर मौजूद डॉ. रिया ने कहा कि पहले टेस्ट करवाओ, उसके बाद इलाज होगा। डॉक्टर पर सहयोग नहीं करने का आरोप श्याम सिंह ने बताया कि वह पत्नी सुशील के खून की जांच करवाने के लिए जा रहे थे, तभी सुशीला को सांस लेने में अधिक परेशानी हुई तो वह वापस डॉक्टर के पास आ गए। लेकिन डॉ. रिया ने कोई सहयोग नहीं किया और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को ऑक्सीजन लगाने के लिए बोल दिया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जब तब ऑक्सीजन लाया, तब तक सुशीला बेसुध हो चुकी थी। PGI के कार्ड पर डॉक्टर ने की कांट-छांट श्याम सिंह ने बताया कि एक डॉक्टर ने सुशीला की ईसीजी करवाई और उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने सामान्य तौर पर शव ले लिया और कागज तैयार करवाने लगे तो डॉक्टर ने कार्ड पर कांट छांट करके सुशीला को पहले से मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जांच करवाई जाए और डॉ. रिया व उनकी टीम के खिलाफ साजिश के तहत रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया जाए। पुलिस मामले में कर रही जांच PGI थाने के जांच अधिकारी हरदयाल ने कहा कि उन्हें एक महिला की PGI में लापरवाही के कारण मौत होने की शिकायत मिली है। पुलिस मामले में अभी जांच कर रही है। पीड़ित परिवार के बयान लिए गए है। मामले में जो भी कार्रवाई बनेगी, वह करेंगे।
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