रेवाड़ी में गायों के झुंड ने नगर परिषद चेयरपर्सन के घर के पास मां-बेटी पर हमला कर दिया। दोनों स्कूटी से दुकान पर रोटी देने के बाद वापस लौट रही थीं। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले भी शहर में पशुओं के हमलों में दो लोगों की मौत हो चुकी है। 5 अगस्त को कैप्टन जगराम यादव पर सांड और गाय ने हमला किया था, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 11 अगस्त को माता चौक पर पशुओं के हमले में प्रताप सिंह यादव की भी जान चली गई। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने का दावा किया था। इसके बावजूद लगातार पशु हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस ने पशु पालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन अब तक तीन आरोपियों में से दो की गिरफ्तारी हुई है। नगर परिषद ने 15 अगस्त से कैटल कैप्चर अभियान भी शुरू किया था। अभियान के दौरान पशु पालकों द्वारा कर्मचारियों को धमकाकर पशुओं को छुड़ाने के आरोप भी सामने आए। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों और संगठनों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
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