रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की प्रस्तावित टैरिफ नीति को लेकर भारत की चिंता बढ़ी है। 2026 का प्रस्तावित Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act इस मुद्दे के केंद्र में है। प्रस्तावित कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दे सकता है। इसके तहत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई संभव होगी। प्रस्तावित टैरिफ की दर 100 प्रतिशत तक हो सकती है। इससे रूस से ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। भारत के लिए यह प्रस्ताव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह रूसी तेल का प्रमुख खरीदार रहा है। संभावित अमेरिकी कार्रवाई से भारत के व्यापार और ऊर्जा लागत पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, भारत की ओर से संकेत दिया गया है कि बातचीत अब तक आश्वस्त करने वाली रही है। कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहने की उम्मीद है। प्रस्तावित कानून अभी एक अमेरिकी विधायी पहल है और इसके प्रभाव अंतिम रूप से तय नहीं हुए हैं। भारत इस मामले में अपने ऊर्जा हितों और अमेरिका के साथ संबंधों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर सकता है।
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