भारतीय रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर की मजबूत मांग और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित होकर गिर गया। मध्य पूर्व शांति की उम्मीदें कम होने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और ईरान पर हमले बाजार की भावना को प्रभावित कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के हस्तक्षेप से मुद्रा को स्थिर करने की उम्मीद है, लेकिन शांति वार्ता और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी भी महत्वपूर्ण कारक हैं। रुपया की गिरावट का कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से विदेशी निवेशकों का भरोसा कम हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को रुपया को स्थिर करने के लिए कदम उठाने पड़ सकते हैं।
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