CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई उनकी पिछली निवारक हिरासत से रिहाई के महज दो दिन बाद हुई। दोनों नेताओं को पहले एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया था। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनकी मांग का आधार मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोप थे। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस घटनाक्रम के बाद CJP नेताओं ने अपने विरोध प्रदर्शन को सफल बताया। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को आगे भी उठाते रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के फैसले और विरोध के लिए निर्धारित स्थल पर प्रतिबंधों को चुनौती दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विरोध की आवाज को अधिसूचना रद्द करके नहीं रोका जा सकता। हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
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