छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। स्थानीय ‘बाबा ट्रेवल्स’ एजेंसी पर पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम ने दबिश दी, जहाँ से बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोप है कि यह एजेंसी ओड़िशा और अन्य राज्यों के निवासियों को छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी दिखाकर फर्जी पते और शपथ-पत्रों के जरिए लाइसेंस बनवाने का अवैध काम कर रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि ड्राइविंग टेस्ट के दौरान असली आवेदकों की जगह डमी उम्मीदवारों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पुलिस ने लगभग 180 ड्राइविंग लाइसेंसों के दस्तावेजों को सत्यापन के लिए अपने कब्जे में लिया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी और फर्जीवाड़ा साबित होने पर संबंधित एजेंसी व लाभार्थियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और परिवहन विभाग की टीम वर्तमान में सभी अभिलेखों का गहन परीक्षण कर रही है।
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