तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को खुली चुनौती दी। जगद्गुरु ने कहा कि वह 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी उनके जगद्गुरुत्व की परीक्षा करा सकता है। रामभद्राचार्य ने स्पष्ट कहा कि वह हर आलोचना सुनने को तैयार हैं। लेकिन उनके धार्मिक और आध्यात्मिक पद पर सवाल उठाना स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें चरणदास महंत ने उन्हें भाजपा का प्रचारक बताया था। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु ने कहा कि यह आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान धर्म और ज्ञान से है, राजनीति से नहीं। कथा मंच से दिए गए उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों ने उनके बयान का स्वागत किया है। वहीं विपक्षी दलों में भी इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई है।
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