भारतीय मूल के प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. जैनेंद्र जैन ने फिजिक्स के क्षेत्र में वुल्फ प्राइज जीतकर इतिहास रच दिया है। वह यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। वुल्फ प्राइज को नोबेल पुरस्कार के बाद दुनिया के सबसे सम्मानित वैज्ञानिक पुरस्कारों में गिना जाता है। इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने यरूशलेम में आयोजित राजकीय समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। प्रो. जैनेंद्र जैन की सफलता की कहानी संघर्ष और प्रेरणा से भरी हुई है। बचपन में एक दुर्घटना में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया था। शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। राजस्थान के एक छोटे कस्बे से निकलकर उन्होंने विज्ञान की दुनिया में वैश्विक पहचान बनाई। जयपुर फुट की मदद से उन्होंने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लगातार प्रगति की। उनके शोध कार्यों ने आधुनिक भौतिकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी उपलब्धि ने देशभर के युवाओं और वैज्ञानिक समुदाय को प्रेरित किया है। यह सम्मान भारत के लिए गर्व और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रतीक माना जा रहा है।
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