राजनांदगांव के साइंस कॉलेज में गणित विषय के परिणाम ने हड़कंप मचा दिया है। कुल 58 विद्यार्थियों में से 55 को एटीकेटी (पूर्व अनुमति) की पात्रता मिली है, जो बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में जाने की अनुमति है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने इस मामले को लेकर कॉलेज में प्रदर्शन किया। अभाविप ने प्रोफेसरों की कार्यप्रणाली और शिक्षण पद्धति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिषद का कहना है कि भाषा की जटिलता के कारण छात्र एटीकेटी और बैकलॉग में फंस गए हैं। विशेष रूप से, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले गणित विभाग के सभी 10 छात्र फेल हो गए हैं। अभाविप ने इसे केवल छात्रों की विफलता न मानकर शिक्षण पद्धति की बड़ी खामी बताया। नगर मंत्री अक्षत श्रीवास्तव ने कहा कि गणित में अवधारणाओं की स्पष्टता जरूरी है, लेकिन भाषा का अवरोध बन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने बेहतर माहौल देने के बजाय समस्या को नजरअंदाज किया। इस लापरवाही का नुकसान विद्यार्थियों को अपने करियर में उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से त्वरित सुधार की मांग की। यह मामला उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और भाषा बाधा पर गंभीर चिंता पैदा करता है।
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