राजनांदगांव के शिवनाथ नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ नियंत्रण कार्य इस साल शुरू नहीं हो पाएगा। बांकल से भर्रेगांव तक नदी के दोनों ओर 205 करोड़ रुपए से बाढ़ नियंत्रण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस योजना से बांकल, पनेका, फरहद, हरदी, भंवरमरा, राजनांदगांव, मोहड़, धामनसरा, जंगलेसर और भर्रेगांव को राहत मिलनी थी। लेकिन पिछले आठ महीने से इस योजना की फाइल मंत्रालय में अटकी हुई है। शिवनाथ क्षेत्रीय तट समिति ने विधानसभा अध्यक्ष से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जल्द बारिश आने वाली है, ऐसे में यह प्रोजेक्ट इस सीजन में शुरू नहीं हो पाएगा। वहीं, मोहारा मेला स्थल पर ऑक्सीजोन तक सस्पेंशन ब्रिज और गार्डन का प्रस्ताव भी 49 करोड़ रुपए से अटका है। जल संसाधन के ईई ने बताया कि प्रपोजल मंत्रालय में है और स्वीकृति का इंतजार है। बाढ़ नियंत्रण की यह देरी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
Source: Source