छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गर्रापार गांव ने सामूहिक प्रयासों से जल संकट को जन आंदोलन बना कर खत्म कर दिया है। कुछ वर्ष पहले तक यहाँ गर्मी में तालाब सूख जाते थे और भूजल स्तर नीचे चला जाता था। ग्रामीणों और किसानों ने मिलकर जल संरक्षण का बीड़ा उठाया। उन्होंने पानी कम खपत वाली फसलें उगाने का संकल्प लिया। सामूहिक प्रयासों से गांव का तालाब अब लबालब भरा है। हर घर में नलों से पानी पहुँच रहा है। पहले सूख रहे बोरवेलों में भरपूर पानी हो गया है। खेतों में हरियाली लौट आई है। गर्रापार आज आसपास के गांवों के लिए एक प्रेरणा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिकता और जल प्रबंधन से हर समस्या का समाधान संभव है। यह गाँव साबित करता है कि जल संरक्षण से ही भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
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