रिंगनी-खरौद के स्वामी आत्मानंद स्कूल में पुताई के दौरान एक युवक के 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने की खबर सामने आने के बाद विद्युत विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। हादसे की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस घटना के बाद स्कूल भवन के ऊपर से गुजर रही खतरनाक बिजली लाइनों को सुरक्षित बनाने के लिए विभाग ने एक बड़ा बिजली पोल स्थापित किया। इससे बिजली के तारों की ऊंचाई में 6 से 7 फीट की वृद्धि की गई, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल अरुण आदित्य का बिलासपुर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहां उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पहले ध्यान रखा गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। क्षेत्र के लोगों ने अन्य भवनों के ऊपर से गुजर रही असुरक्षित लाइनों को भी जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। यह घटना प्रशासन के लिए एक सबक है कि शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फिलहाल, प्रभावित परिवार के सदस्य अरुण के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रशासन अब इस दिशा में और अधिक सतर्कता बरतने की बात कर रहा है ताकि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Source: Source