यमुनानगर के शराब कारोबारी से 75 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मुख्य आरोपी शिव साहनी को रिमांड पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के बेटे नमन साहनी और दामाद रमन की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लंबे समय से आरटीआई का सहारा लेकर कारोबारियों की निजी जानकारी जुटाता था और फिर उन्हें सरकारी शिकायतों का डर दिखाकर ब्लैकमेल करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना छप्पर पुलिस ने आरोपी का पोस्टर जारी कर जनता को सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ितों से सामने आकर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया है ताकि इस बड़े रंगदारी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। आरोपी के बैंक खातों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि अवैध वसूली से अर्जित संपत्ति और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके। धमकी भरी कॉल, व्हाट्सएप चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर पुलिस पूरे गिरोह की गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। रिमांड के दौरान पुलिस ने अब तक ढाई लाख रुपये की रिकवरी की है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो मामले में और सख्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। यह नेटवर्क किस हद तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन शामिल है, यह बेटे और दामाद की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस का यह कदम ब्लैकमेलिंग के इस संगठित गिरोह के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
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