स्मार्टफोन की स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमत बढ़ सकती है। सरकार ने स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को लेकर नए नियम लागू किए हैं। खराब गुणवत्ता वाले ग्लास से टचस्क्रीन के इस्तेमाल में परेशानी हो सकती है। इससे फिंगरप्रिंट सेंसर की कार्यक्षमता भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। स्क्रीन की विजिबिलिटी पर भी घटिया प्रोटेक्टर का असर पड़ सकता है। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने उत्पाद की गुणवत्ता पर जोर दिया है। नए नियमों का उद्देश्य बाजार में बेहतर गुणवत्ता वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर उपलब्ध कराना है। गुणवत्ता मानकों का पालन करने से निर्माताओं की लागत बढ़ सकती है। इसका असर स्क्रीन प्रोटेक्टर की खुदरा कीमतों पर पड़ने की संभावना है। नए नियमों के बाद उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कीमतों में वास्तविक बदलाव बाजार में नियमों के लागू होने के बाद स्पष्ट होगा।
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