यह मामला बिहार के मोतिहारी का है, जहां न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक गंभीर आपराधिक साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। जानकारी के अनुसार, गवाही से पहले एक गवाह को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। इस साजिश के तहत शूटरों को लगभग 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस को इस पूरे मामले की पहले से सूचना मिल गई थी। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्धों पर निगरानी रखी गई। योजना को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने शूटरों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से महत्वपूर्ण सुराग और संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह साजिश न्याय प्रक्रिया को बाधित करने और गवाही को प्रभावित करने के उद्देश्य से रची गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे कौन लोग शामिल हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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