एक पांच साल की बच्ची को डॉक्टर के क्लिनिक में गलत दवा देने का गंभीर मामला सामने आया है। एक फिजिशियन एसोसिएट ने बच्ची को वयस्कों के लिए निर्धारित योनि उपचार की दवा लिख दी। दवा के सेवन के बाद बच्ची को असहनीय दर्द और ब्लीडिंग शुरू हो गई। मां ने पहले ही अपनी चिंता जाहिर की थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। यह पूरी घटना जीपी प्रैक्टिस, सुपरवाइजिंग डॉक्टर और फार्मेसी की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है। इन तीनों स्तरों पर हुई चूक के कारण गलत दवा बच्ची तक पहुंच गई। इस घटना ने बच्ची और उसकी मां को गहरे मानसिक आघात में डाल दिया है। बच्ची को अस्पताल में दर्द से कराहते हुए देखा गया, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्वास्थ्य व्यवस्था की इन खामियों ने इलाज के दौरान सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस मेडिकल लापरवाही की जांच कर रहा है।
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