उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने फर्जी नर्सिंग डिप्लोमा और प्रमाणपत्र बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के अनुसार आरोपी नकली नर्सिंग डिप्लोमा और सर्टिफिकेट तैयार कर लोगों को बेच रहे थे। कथित तौर पर प्रत्येक फर्जी प्रमाणपत्र के लिए लगभग 25 हजार रुपये वसूले जाते थे। आशंका है कि इन दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नौकरियां भी हासिल की होंगी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरोह के ठिकानों से महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए। जब्त सामग्री में कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्जी प्रमाणपत्र और अन्य उपकरण शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कितने लोगों ने इन नकली दस्तावेजों का उपयोग किया। मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की संभावना को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। यह कार्रवाई शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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