मुंबई में भारी बारिश और हाई टाइड का संयोजन अक्सर बड़े जलभराव का कारण बनता है। मानसून के दौरान तेज बारिश होने पर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। हाई टाइड के समय अरब सागर का पानी नालों के निकासी मार्ग को बाधित कर देता है। इसके कारण बारिश का पानी शहर में जमा होने लगता है। पंपिंग स्टेशन जलभराव कम करने में मदद करते हैं, लेकिन कई बार बारिश की तीव्रता उनकी क्षमता से अधिक हो जाती है। जलभराव से यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं भविष्य में और गंभीर हो सकती हैं। बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक जल अवरोधों के संरक्षण से जोखिम कम किया जा सकता है। मुंबई को बाढ़ से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की जरूरत है। लगातार बदलते मौसम के बीच शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी हो गया है।
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