मुंबई में डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्चे के इलाज के लिए एक अनोखी चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल किया। एक महिला के अजन्मे बच्चे के दिल में मौजूद ट्यूमर को कम करने के लिए एंटी-कैंसर दवा दी गई। डॉक्टरों ने मां को एवेरोलिमस नाम की दवा दी, जो प्लेसेंटा के जरिए भ्रूण तक पहुंची। इलाज के बाद बच्चे के दिल के पांच ट्यूमर और मस्तिष्क में मौजूद गांठें काफी कम हो गईं। बच्चे का जन्म सफलतापूर्वक हुआ और जन्म के बाद से ट्यूमर में बढ़ोतरी नहीं देखी गई। डॉक्टरों के अनुसार, यह मुंबई में इस तरह के मातृ उपचार का संभावित पहला मामला है। इस उपचार ने गर्भ में गंभीर बीमारी से जूझ रहे भ्रूण के लिए नई उम्मीद दिखाई है। विशेषज्ञों ने इस मामले को चिकित्सा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। डॉक्टरों की टीम ने गर्भावस्था के दौरान लगातार बच्चे की निगरानी की। सफल इलाज के बाद नवजात की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह मामला भविष्य में ऐसे दुर्लभ मामलों के इलाज के लिए नई दिशा दे सकता है।
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