मुंबई में कमर्शियल ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का प्रमाणन अनिवार्य किए जाने के बाद, हाल ही में पहला प्रमाणन सत्र आयोजित किया गया। इस नए सरकारी निर्देश के तहत अब चालकों को मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक है। इस पहले सत्र में बड़ी संख्या में ड्राइवरों ने भाग लिया, लेकिन उन्होंने इस अनिवार्य नियम को लेकर कई सवाल उठाए हैं। चालकों का मानना है कि इस नियम से उन लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं जो अन्य राज्यों से आकर यहां ड्राइविंग करते हैं। वहीं, कुछ ड्राइवरों ने इसे अपनी दैनिक आजीविका के लिए एक अतिरिक्त बोझ के रूप में देखा है। प्रमाणन प्रक्रिया की जटिलता और इसके समय को लेकर भी चिंताओं का इजहार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय स्थानीय यात्रियों के साथ बेहतर संचार सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इस विवाद के बीच, संबंधित विभाग अब ड्राइवरों की समस्याओं को सुनने और प्रक्रिया को सुगम बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम के विस्तार और प्रभाव पर प्रशासन और चालकों के बीच और चर्चा हो सकती है। फिलहाल, यह विषय मुंबई के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक बड़े विमर्श का मुद्दा बन गया है।
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