भारत की एलपीजी (LPG) आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने के कारण भारत अब अमेरिका से अधिक मात्रा में रसोई गैस आयात कर रहा है। जून में एलपीजी आयात एक मिलियन टन से अधिक पहुंचने का अनुमान है, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। हालांकि अमेरिकी एलपीजी की लागत अधिक है, फिर भी इसे वैकल्पिक स्रोत के रूप में अपनाया जा रहा है। पारंपरिक आपूर्तिकर्ता देशों से सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसके बावजूद अमेरिका अब भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आपूर्ति स्रोत बन गया है। यह बदलाव ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण पुनर्संतुलन को दर्शाता है। इससे भारत की आयात निर्भरता और आपूर्ति विविधीकरण की नीति मजबूत हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम अल्पकालिक चुनौतियों के बावजूद स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। आने वाले समय में भारत अपने ऊर्जा स्रोतों को और अधिक विविध बनाने पर ध्यान दे सकता है।
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