गुरुग्राम नगर निगम ने मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम के विभिन्न जोनों में जलभराव संभावित स्थलों की पहचान कर वहां सुधार कार्य किए जा रहे हैं। मानसून प्रबंधन सेल की बैठक में इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जोन-5 में 29 जलभराव हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 13 पर कार्य पूरा हो चुका है। जोन-6 में 22 संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है और कई स्थानों पर समाधान संबंधी कार्य जारी हैं। जोन-7 में 21 जलभराव संभावित क्षेत्रों में से 11 पर समस्या का समाधान किया जा चुका है। वहीं जोन-8 में 14 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 6 स्थानों पर काम पूरा हो गया है। शेष क्षेत्रों में ड्रेनेज सुधार, नालों की सफाई और अन्य आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं। नगर निगम ने परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणियों में विभाजित किया है। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मानसून शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर जल निकासी और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना निगम की प्राथमिकता है। इसके लिए ड्रेनों की सफाई, डिसिल्टिंग, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन निर्माण और निरंतर निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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