राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मातृत्व के महत्व पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मातृत्व के बिना समाज का निर्माण और उसका पोषण संभव नहीं है। भागवत ने समाज में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने मातृत्व को सामाजिक विकास का आधार बताया। उनके बयान में परिवार और समाज की संरचना में मां की भूमिका पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज के मूल्यों के निर्माण में मातृत्व की अहम भूमिका होती है। RSS प्रमुख ने सामाजिक जिम्मेदारियों और संस्कारों के महत्व पर भी बात की। उनका यह बयान एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा शुरू हो गई है। भागवत के विचारों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
Source: Source