सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महालक्ष्मी मंदिर के संरक्षण कार्यों में कई कमियों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संरक्षण का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संरक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। विशेषज्ञों की निगरानी में कार्य कराने की भी अपील की गई है। आरोप है कि मौजूदा कार्यों से मंदिर की मूल संरचना प्रभावित हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया है। कार्यकर्ताओं ने संरक्षण कार्यों की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग उठाई है। उन्होंने विरासत स्थलों के संरक्षण में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की बात कही। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अब संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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