बिजनेस डेस्क – आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं को महंगाई का और अधिक दबाव झेलना पड़ सकता है। खाने-पीने की जरूरी वस्तुएं और पर्सनल केयर से जुड़े उत्पाद महंगे होने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पैकेजिंग मटीरियल की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कुछ श्रेणियों में 56 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे एफएमसीजी कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन और सप्लाई चेन की बढ़ी हुई लागत के कारण दामों में यह वृद्धि देखी जा रही है। कंपनियां बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। इससे रोजमर्रा की वस्तुओं के बजट पर असर पड़ने की संभावना है। बाजार में पहले से ही कुछ वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दर पर नजर रखना जरूरी होगा। सरकार और उद्योग जगत स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। उपभोक्ताओं को खर्च में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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